बुधवार, 10 मई 2017

सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के लिए दर्शन शास्त्र की पुस्तक सूची

दर्शनशास्त्र हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए काफी लोकप्रिय वैकल्पिक विषय रहा है | निबंध पत्र के लिए इसकी प्रासंगिकता और उपयोगिता को देखते हुए इसका वैकल्पिक विषय के रूप में महत्त्व और भी बढ़ गया है |  वैसे छात्र जिन्हें दर्शन में और साहित्यिक- सामाजिक समस्याओं के गहन अनुशीलन, चिंतन और समाधान खोजने में आनंद आता है और जिनकी भाषा पर अच्छी पकड़ है, वे निस्संकोच इस विषय का चयन कर सकते हैं| दर्शनशास्त्र के साथ सिविल सेवा की तैयारी  के लिए पुस्तक सूचि निम्नलिखित है-

प्रश्न पत्र १ एवं २
प्राचीन भारतीय धर्म एवं दर्शन- डॉ शिवस्वरूप सहाय-  मोतीलाल बनारसीदास प्रकाशन
भारतीय दर्शन- संपादक- डॉ नन्द किशोर देवराज - उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ
भारतीय दर्शन( दो भागों में )- डॉ राधाकृष्णन -(अनुवादक- नंदकिशोर गोभिल)- राजपाल एंड संस प्रकाशन
नीतिशास्त्र के प्रमुख सिद्धांत-डॉ डी आर जाटव- मालिक एंड कंपनी- दिल्ली
पाश्चात्य दर्शन- याकूब मसीह
समकालीन पाश्चात्य दर्शन- बी के लाल
भारतीय संस्कृति- नरेन्द्र मोहन -प्रभात प्रकाशन- नयी दिल्ली

इग्नू की बी ए एवं एम ए दर्शनशास्त्र की पुस्तकें


विस्तृत अध्ययन हेतु- (पुस्तकालय की मदद से )
दर्शन दिग्दर्शन - राहुल सांकृत्यायन- किताबघर प्रकाशन
भारतीय दर्शनशास्त्र का इतिहास -  जयदेव वेदालंकार - न्यू भारतीय बुक कारपोरेशन- नयी दिल्ली
(मध्यकालीन आचार्यों का दर्शन - आचार्य शंकर, रामानुज, आचार्य मध्व, बल्लभ और चैतन्य दर्शन )
भारतीय दर्शन का इतिहास (५ खंडो में )- डॉ सुरेन्द्रनाथ गुप्ता- राजस्थान हिंदी ग्रन्थ अकादमी द्वारा अनुदित एवं प्रकाशित
भारतीय दर्शन की मूलगामी समस्याएँ- नारायण शास्त्री द्रविड़- विश्वविद्यालय प्रकाशन, सागर

वैकल्पिक विषय की तैयारी करते हुए यह बात ध्यान में रखे की आपके सिलेबस तैयार करना है और पूरी समझ के साथ, रट्टा मरकर नहीं | साथ-ही-साथ इस बात का भी ध्यान रखे की ज्ञान अनंत और अथाह है | ज्ञान प्राप्ति के लिए हम जीवन भर पढ़ सकते हैं और पढ़ते रहेंगे | अपना सारा ध्यान अभी चिड़िया की आंख अर्थात सिविल सेवा में अच्छे रैंक के साथ सफलता पाने पर लगाये | किताबों पर नहीं टॉपिक पर अपना ध्यान केन्द्रित करें | जब आप सारे टॉपिक कुछ चुनिन्दा स्तरीय पुस्तकों से तैयार कर लेते हैं तो फिर अन्य स्तरीय पुस्तकों से दुहराते हुए कोई नयी बात मिलने पर उसे नोट कर ले |
शुभकामनाओं के साथ,
केशवेन्द्र कुमार, IAS


मंगलवार, 9 मई 2017

FAQ- सिविल सेवा की तैयारी में लगे साथियों द्वारा बार- बार पूछे जानेवाले सवालों के जवाब

प्राथमिक एवं मुख्य  परीक्षा से संबंधित -
१. क्या हिन्दू समाचारपत्र पढना अनिवार्य है ?
नहीं, सिविल सेवा की अंग्रेजी माध्यम से तैयारी करनेवाले अधिकांश छात्र हिन्दू समाचारपत्र का अध्ययन करते है | यह एक अच्छा समाचारपत्र है जो समसामयिकी एवं निबंध के लिए उपयोगी है | अगर आपकी अंग्रेजी अच्छी है और आप हिन्दू पेपर पढने में कोई दिक्कत नहीं महसूस करते हैं तो इसे पढना अच्छा है | अगर आपको भाषा की दिक्कत आ रही है तो आप किसी भी अच्छे हिंदी समाचारपत्र जैसे हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, जनसत्ता जो की आपके राज्य में उपलब्ध है, को पढ़ सकते हैं | इतना ध्यान रखे की आपको पेपर सिविल सेवा की तैयारी के लिए पढना है| अपना ध्यान देश-विदेश की प्रमुख घटनाओं, सम्पादकीय एवं आलेखों और साक्षात्कार की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण अपने प्रदेश की घटनाओं पर केन्द्रित करें |

२. समसामयिकी - करंट अफेयर  कितने दिनों का पढ़े ?
सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा के सवा  वर्ष (उदहारण के लिए मई में यदि प्रारंभिक परीक्षा हो तो पिछले वर्ष की जनवरी तक)  पहले तक की समसामयिकी पर ध्यान केन्द्रित करना काफी है |

३. मैं १० वीं/ १२ वीं कक्षा में हूँ ,सिविल सेवा की तैयारी कैसे करूँ ?
--अपना ध्यान १० वीं / १२ वीं की परीक्षा अच्छे तरह से उत्तीर्ण करने पर लगाये | अपनी लेखन शैली पर ध्यान दे | अच्छी किताबें पढने की आदत डालें | समाचारपत्र के साथ कुछ पत्रिकाएँ जैसे कम्पटीशन सक्सेस रिव्यु , योजना, कुरुक्षेत्र, विज्ञान प्रगति पढना अभी काफी है | स्नातक के द्वितीय या तृतीय वर्ष से गंभीरता से सिविल सेवा की तैयारी आरम्भ करना काफी है |

4. सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय में क्या पढ़े और क्या छोड़े?
--सामान्य अध्ययन एवं  वैकल्पिक विषय की तैयारी करते हुए यह बात ध्यान में रखे की आपके सिलेबस तैयार करना है और पूरी समझ के साथ, रट्टा मरकर नहीं | साथ-ही-साथ इस बात का भी ध्यान रखे की ज्ञान अनंत और अथाह है | ज्ञान प्राप्ति के लिए हम जीवन भर पढ़ सकते हैं और पढ़ते रहेंगे | अपना सारा ध्यान अभी चिड़िया की आंख अर्थात सिविल सेवा में अच्छे रैंक के साथ सफलता पाने पर लगाये | किताबों पर नहीं टॉपिक पर अपना ध्यान केन्द्रित करें | जब आप सारे टॉपिक कुछ चुनिन्दा स्तरीय पुस्तकों से तैयार कर लेते हैं तो फिर अन्य स्तरीय पुस्तकों से दुहराते हुए कोई नयी बात मिलने पर उसे नोट कर ले |







साक्षात्कार से संबंधित
१. क्या हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले छात्रों का साक्षात्कार हिंदी में होता है ?
--जी हाँ | हाँ, बोर्ड में ऐसे एक या दो मेम्बर हो सकते हैं जिन्हें हिंदी नहीं आती हो, इसलिए अगर आप अंग्रेजी बोल और समझ लेते हैं तो और भी अच्छा है | कोई सदस्य जान बूझकर अंग्रेजी में सवाल कर सकते हैं, आप उसका जवाब हिंदी में बिंदास देने के लिए स्वतंत्र है |
२. क्या साक्षात्कार में अंग्रेजी की प्रचलित शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं ?
--ऐसे अंग्रेजी के शब्द जो हिंदी की बोलचाल में प्रचलित हैं और जिनका हिंदी में उत्तम विकल्प मौजूद नहीं है, उनके लिए अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग उचित है | उदहारण के लिए SAARC सम्मलेन  के लिए आप हिंदी में दक्षेस सम्मेलन शब्द या सार्क सम्मलेन शब्द किसी का भी उपयोग कर सकते हैं क्योंकि दोनों ही हिंदी की शब्दावली में सामान रूप से प्रचलित है |

बुधवार, 3 मई 2017

सिविल सेवा परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय(ऑप्शनल पेपर ) का चयन कैसे करे


हिंदी माध्यम से सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए वैकल्पिक विषय का चयन एक बड़ी दुविधा के तौर पर होता है | मन में ढेरों सवाल होते हैं- किस विषय से ज्यादा अंक आयेंगे, किस विषय से टॉपर बनते हैं, स्नातक तक पढ़े विषय को वैकल्पिक विषय के तौर पर ले या नहीं इत्यादि |

सिविल सेवा परीक्षा के लिए वर्तमान में एक वैकल्पिक विषय का चयन करना होता है | इस विकल्पिक विषय के 250 अंक के दो प्रश्न पात्र होते हैं | और इस तरह सिविल सेवा की परीक्षा में वैकल्पिक विषय के कुल ५०० अंक है|

उपलब्ध विषयों की सूची -
इतिहास
भूगोल
समाजशास्त्र
लोक प्रशासन
नृविज्ञान
राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध
मनोविज्ञान
दर्शन शास्त्र
अर्थशास्त्र
विधि
प्रबंधन
कृषि विज्ञान
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान
हिंदी भाषा एवं साहित्य/ संस्कृत भाषा एवं साहित्य/मैथिलि भाषा एवं साहित्य/उर्दू भाषा एवं साहित्य एवं अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं का साहित्य

वनस्पति विज्ञान
रसायन विज्ञान
सिविल इंजीनियरिंग
वाणिज्य तथा लेखा विधि
विद्युत इंजीनियरिंग
भू विज्ञान
गणित
यांत्रिक इंजीनियरिंग
चिकित्सा विज्ञान
भौतिकी
सांख्यिकी
प्राणी विज्ञान


कैसे चयन करे वैकल्पिक विषय का-

 इन सारे उपलब्ध विषयों को देखते हुए अपनी शैक्षणिक  पृष्ठभूमि और विषयों में रूचि को ध्यान में रखते हुए इन सारे विषयों में से  चयन को २-३ विषयों पर केन्द्रित करें |
*सामान्यतः ऊपर के  किसी विषय को आपने स्नातक या परास्नातक स्तर पर हिंदी माध्यम में पढ़ा है और आप उस विषय में रूचि रखते हैं तो उस विषय का चयन सर्वोत्तम है |
*अगर आपने ऊपर के विषयों में किसी को स्नातक या परास्नातक स्तर विषय पर पढ़ा है पर उसमे आपकी रूचि नहीं है तो फिर आप ऊपर के लिस्ट से अपनी रूचि की  २-३ विषयों की शोर्ट लिस्ट तैयार करे | इन चयनित विषय के सारे टॉपिक देखे, इनके सिविल सेवा के सिलेबस और क्वेश्चन बैंक को देखे | यह अनुमान लगाये की इस विषय को आप ३-६ महीने में अच्छे से तैयार कर सकते हैं या नहीं |
*अगर आप अपने स्नातक या परास्नातक के विषय को वैकल्पिक विषय के तौर पर नहीं ले रहे हैं तो इस बात का भी ध्यान रखे की वैकल्पिक विषय से आपको सामान्य अध्ययन, निबंध पत्र एवं साक्षात्कार में कितनी मदद मिल रही है |
*सामान्य अध्ययन में काफी सहायता पहुचने वाले विषय हैं-
इतिहास, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, समाज शास्त्र, नृविज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र,विधि
*निबंध एवं साक्षात्कार में सहायक वैकल्पिक विषय-
इतिहास, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, समाज शास्त्र, नृविज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र,विधि, दर्शन शास्त्र, मनोविज्ञान, प्रबंधन, हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओ का साहित्य

इस बात का ध्यान रखें की विषय में आपकी रूचि या उस विषय का आपके द्वारा पहले पढ़ा होने काफी महत्तवपूर्ण घटक हैं | इसके बाद ही सामान्य अध्ययन, निबंध या साक्षात्कार में उस वैकल्पिक विषय से होने वाले लाभ के बारे में सोचे | शार्ट लिस्ट किये हुए २-३ विषयों से आपके परीक्षा में मिलने वाले लाभ-हानि की गणना कर अपने लिए उपयुक्त वैकल्पिक विषय का चयन करें | चयन आपका खुद का होना चाहिए, किसी दवाब में आकर नहीं | चयन के लिए पर्याप्त समय ले और एक अच्छा निर्णय ले |


शुभकामनाओं के साथ,
केशवेन्द्र कुमार


सोमवार, 1 मई 2017

सिविल सेवा परीक्षा हेतु लोक प्रशासन के लिए पुस्तक सूची

प्रथम प्रश्न पत्र -
१. लोक प्रशासन- संकल्पनाएँ एवं सिद्धांत- रुम्की बासु- जवाहर पब्लिशर्स
लोक प्रशासन- अवस्थी एवं महेश्वरी
२. लोक प्रशासन के नए आयाम- मोहित भट्टाचार्य - जवाहर पब्लिशर्स
३. प्रशासनिक विचारक - नरेन्द्र थोरी - आर बी एस ए पब्लिशर, जयपुर



द्वितीय प्रश्न पत्र
१.भारतीय प्रशासन- श्रीराम महेश्वरी-  ओरिएंट लोंग्मेन प्रकाशन
या
भारतीय लोक प्रशासन- डॉ सुरेन्द्र कटारिया - नेशनल पब्लिशिंग हाउस
२. लोक प्रशासन के बदलते आयाम- संपादक- एस एन मिश्र - भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, दिल्ली

इग्नू की बी ए एवं एम ए की लोक प्रशासन की पुस्तकें 

रविवार, 11 दिसंबर 2016

आईएएस की तैयारी कहाँ से शुरू करे-कैसे शुरू करे - शुरू से शुरू करें, दृढ संकल्पित होकर शुरू करें

साथियों, आपमें से बहुत लोगों के सवाल होते हैं की आईएएस की तैयारी कैसे करे, क्या पढ़े, कब तैयारी शुरू करें, वैकल्पिक विषय कैसे चुने इत्यादि । इस पोस्ट में मैं अपने अनुभव के आधार पर इन सवालों के जवाब देने की कोशिश करूँगा । 

1. अगर आप आठवीं-बारहवीं कक्षा में हैं-
*अगर आपकी  रूचि सिविल सेवा की तैयारी की और है तो आप अपने सामान्य अध्ययन और लेखन शैली पर ध्यान दें । आखिर आईएएस की तैयारी में 6-12 कक्षा की विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और गणित की प्रमुख भूमिका है ।  
*हिंदी/अंग्रेजी के एक समाचार पत्र नियमित रूप से पढ़े, अच्छे टीवी न्यूज़ चैनल के कुछ अच्छे प्रोग्राम नियमित देखे और रचनात्मक विचार शक्ति का विकास करे । अपने व्यक्तित्व को ज्ञान से निखरे/सँवारे । 
 * प्रतियोगिता दर्पण/ सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल,   कुरुक्षेत्र, योजना पत्रिका पढना शुरू कर सकते हैं जिससे GS एवं निबंध पत्र की तैयारी में  मिलेगी 
*फिर UPSC  नोटिफिकेशन पढ़े, जिससे इस परीक्षा के पाठ्यक्रम, वैकल्पिक विषयों की सूची , योग्यता और परीक्षा के सारे महत्त्वपूर्ण  निर्देश पता चलेगें । 

इस स्तर पर इतना करना  काफी  है । साथ  में अपना नियमित अध्ययन, अगर आप मेडिकल /इंजीनियरिंग  प्रवेश परीक्षा की तैयारी  कर रहे हैं तो उसे जारी रखे 

2 . अगर आप परास्नातक कर चुके है या कर रहे हैं या  स्नातक कर चुके हैं या अंतिम वर्ष में आ चुके हैं ----
आपको गंभीरता से इस परीक्षा की तयारी करनी है । 

*UPSC  के नोटिफिकेशन को  पढ़े ।  पिछले सालों के UPSC  के  प्रश्नपत्र देखे  और फिर NCERT  की किताबों को पढना शुरू करो |  योजना, कुरुक्षेत्र एवं आहा, जिन्दगी इन तीन पत्रिकाओं से आपको निबंध एवं GS के लिए मदद मिलेगी |  फिर ncert की साइंस एवं सोशल साइंस छठीं  से बारहवीं की पढ़े | अगर आप उसी विषय को वैकल्पिक विषय के तौर पर ले रहे हैं जो आपका स्नातक या परास्नातक का विषय रहा है तो आप साथ-साथ   वैकल्पिक विषय पर ध्यान केन्द्रित कर सकते हैं |

*अगर आप वैकल्पिक विषय का चयन नहीं कर पा रहे हैं तो भी आप GS  एवं निबंध की तैयारी के साथ अपनी शुरुआत कर सकते है । साथ में अपने वैकल्पिक विषय के अंतिम चयन पर फैसला ले । 

3 . क्या आपकी पृष्ठभूमि/ आपकी पढाई/ आपका माध्यम महत्तवपूर्ण है???
आप गांव से आते है या शहर से, आप अंग्रेजी माध्यम में पढ़े हैं या हिंदी एवं भारतीय भाषाओं  में, आप प्रसिद्ध कॉलेज में गए हैं या पत्राचार से स्नातक किया है, आप गरीब हैं या अमीर हैं- UPSC को इनमे किसी बात से फर्क नहीं पड़ता । आप में अपने देश-समाज-विश्व की सेवा का जूनून होना चाहिए, आपके पास ज्ञान और आत्मविश्वास की दौलत होनी चाहिए, आपमें सकारात्मकता सोच और प्रश्नों को सुलझाने की दृष्टि  होनी चाहिए और होना चाहिए  कड़ा परिश्रम  करने की क्षमता । बस इतना काफी है । 

4 . किस माध्यम में तैयारी करे ??
आपको वैकल्पिक विषय एवं निबंध पत्र में अपने को सहज रूप में  जो माध्यम सही लगे,  लिए सही है । UPSC की परीक्षा में आप हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओं  में दे सकते हैं  और बड़ी सफलता प्राप्त कर सकते हैं । हिंदी माध्यम से सभी वैकल्पिक विषयों में किताबे उपलब्ध है । 

5 . नोट कैसे बनाये --
सिलेबस के हिसाब से जिस टॉपिक को आप पुस्तक से  पूरी तरह से  नही  तैयार कर पा रहे हैं, उसके लिए सटीक, संक्षिप्त नोट बनाये । 

6 . नौकरी के साथ IAS / IPS की तैयारी 
सामान्य अध्ययन के लिए समाचारपत्र एवं पत्रिकाओं को ऑफिस में अगर काम करने के बाद  खाली समय मिले  तो उसमे तैयार करे ।अगर ऑफिस में लाइब्रेरी हो तो उसका उपयोग करे । वैकल्पिक विषय के लिए लगभग दो-तीन घंटे डेली एवं सामान्य अध्ययन  से काम तीन घंटे का समय निकलने की कोशिश  करे ।  सटीक तैयारी करे - क्या पढ़े, क्या छोड़े, इसमें संतुलन रखे । 

आशा है इस आलेख से इस परीक्षा के नवागंतुकों को मदद मिलेगी । शुभकामनाओं के साथ,

केशवेंद्र कुमार आईएएस 

बुधवार, 15 जून 2016

UPSC CIVIL SERVICE EXAMINATION 2016 NOTIFICATION

UPSC CIVIL SERVICE EXAMINATION 2016 NOTIFICATION(HINDI)
http://www.upsc.gov.in/hi/examinations/Civil%20Services%20(Preliminary)%20Examination,%202016

UPSC CIVIL SERVICE EXAMINATION 2016 Notification (English)
http://www.upsc.gov.in/examinations/Civil%20Services%20%28Preliminary%29%20Examination%2C%202016

साथियों, अपने ईमेल और ब्लॉग पर मुझे आप कई साथियों के मेल मिलते हैं जिसमे सिविल सेवा के बारे  में, इसके पाठ्यक्रम, इसमें बैठने के लिए योग्यता, उम्र, कौन से विषय उपलब्ध हैं जैसे प्रश्न होते हैं. सिविल सेवा के बारे में सारी शुरूआती जानकारियों के लिए आपके सबसे काम की प्रमाणिक चीज यूपीएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध इसकी नोटिस है जिसमे उस वर्ष परीक्षा के प्रारूप, सिलेबस और योग्यता जैसी सारी जानकारी उपलब्ध होती है. आप लोगों की सुविधा के लिए मैं इसका लिंक इस ब्लॉग के सबसे ऊपर में  दे रहा हूँ.

वैसे आप http://www.upsc.gov.in/ में जाकर एग्जामिनेशन के लिंक में जाकर भी नोटिफिकेशन में Current/Archival लिंक से सिविल सर्विस एग्जाम 2016  की नोटिस पीडीऍफ़ में देख सकते हैं.

आशा करता हूँ की ये लिंक इस परीक्षा की शुरुआत कर रहे दोस्तों के लिए लाभप्रद होगा. विशेषकर ग्यारहवीं -बारहवीं कक्षा के छात्रों, और डिग्री कोर्स कर रहे छात्रों के लिए जो सिविल सेवा की तयारी करना चाहते हैं, या इसके बारे में पूरी जानकारी चाहते हैं, उनके लिए यह लिंक काफी मददगार होगा.

शुभकामनाओं के साथ,

केशवेन्द्र कुमार, आईएस
जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, वायनाड जिला
केरल

शनिवार, 24 अक्तूबर 2015

CIVIL SERVICES MAINS EXAM General Studies- IV: Ethics, Integrity, and Aptitude, part 5

4. EFFICIENCY

Efficiency is a very important criterion for civil servant. Ultimate aim of Civil service is to deliver Public goods and services in a timely and efficient manner. Public supports officers who delivers, who provide solution of difficult problems, who creates an atmosphere of peace and development. For efficiency in administration, we require team building, proper planning and co-ordination, focussed attitude,innovation, getting to the root of problem and to provide solution for it. 


Friends, I am sharing with you summary of report prepared by DOPT and UNDP on Civil Service Competency Dictionary with my observation. You can read this report on link given below-
http://persmin.gov.in/otraining/Competency%20Dictionary%20for%20the%20Civil%20Services.pdf


4.1 Result Orientation
High Drive for achieving targets and competing against a standard of excellence.

• Works towards meeting timelines and expresses a desire to do better
• Is mindful of waste, inefficiency and red-tapism while discharging duties
• Consistently ensures on-time delivery of quality work
• Monitors efficiency of work practices and modifies them to provide better service
• Works to achieve tasks better, faster, and more efficiently; and looks to improve quality,
community satisfaction, and morale, without setting any specific goal
• Motivates, encourages others to set higher benchmarks and strive for superior performance
• Continually looks to adapt leading practices from other Departments/organisations to
improve performance
• Recognises and rewards innovation, setting higher benchmarks to create a culture of high
achievement
• Encourages and rewards continuous review and improvement of work processes
• Inspires individuals to consistently exceed performance targets

4.2 Conceptual Thinking
Understanding a situation or environment by putting the pieces together and identifying
patterns that may not be obviously related. Connecting the dots while resisting stereotyping

• Able to derive conscious rationale or its absence from recurring situations or events
• Creates own hypothesis to current situation or problem
• Makes complex ideas or situations clear, simple, and understandable
• Breaks-down a complex issue into a useful model or illustration
• Assembles ideas, issues, and observations into a clear and useful explanation
• Willing to experiment without being constrained by bias, stereotypes and traditional views
• Proposes alternative, radical hypotheses and tests them/keeps them in play
• Redefines the understanding of stakeholder and community needs

4.3 Initiative and Drive
Contributing more than what is expected in the job, refusing to give up when faced with
challenges, and finding or creating new opportunities

• Anticipates situations up to a year in advance, in order to plan action and build in
contingencies
• Creates an environment where individuals are willing and able to take initiative without
fearing consequences of failure

4.4 Seeking Information
An underlying curiosity to know more about things, people, or issues. This includes ‘digging’
for exact information and keeping up-to-date with relevant knowledge

• Studies best practices of other states, sectors, regions organisations etc
• Conducts field visits (if needed) to gain a comprehensive understanding of situation
• Identifies individuals or develops trusted sources to conduct regular information gathering
• Validates the veracity of informal information through other means and resources

4.5 Planning and Coordination
Ability to plan, organise and monitor work with effective utilisation of resources such as time,
money, and people

• Demonstrates good time management skills to meet short- and medium-term objectives
• Plans own work schedule and monitors progress against it optimally
• Uses available resources optimally to meet work objective
• Identifies and tries to solve bottlenecks in own area of work
• Monitors progress periodically and revises work plans as required
• Keeps oneself up-to-date and makes necessary adjustments to timelines, work plan, and
resource allocation as necessary

4.6 Desire for Knowledge
Keeps up-to-date with relevant knowledge and technology, shares latest developments with
others, and advocates the application of acquired knowledge.

• Keeps own policy and procedure binders (circulars, memorandums, OMs), working papers,
and ensures that files are up-to-date
• Proactively reads relevant literature to enhance knowledge of relevant practices  such as policy documents, external reports, or professional and Government journals
• Encourages and facilitates the acquisition of knowledge in others
• Suggests strategies to develop Departments’/Civil Services’ overall knowledge base


4.7 Innovative Thinking
Open to change, approaches issues differently, offers alternate/out of the box solutions and
strives for efficiency by working smartly.

• Seeks improvement in public service delivery through multiple methods such as technology,
efficient work practices etc
• Proactively engages with stakeholders for continuous improvement in service delivery
• Identifies bottlenecks and warning signs and initiates preventive action
• Prepared to meet the challenges of difficult change and encourages others in doing the
same
• Challenges the status quo and looks for unconventional solutions
• Encourages ideas, improvements and measured risk-taking to improve services
• Identifies & implements changes to transform flexibility, responsiveness, and quality of
service
• Creates a culture of innovation, flexibility and responsiveness, mobilising the Department
to respond swiftly to changing priorities

4.8 Problem Solving
Understanding a situation by breaking it into smaller parts, organising information
systematically, and setting priorities.

• Able to diagnose multiple cause and effect relationships in a problem (ability to see several
potential causes of an event or several events)
• Develops potential solutions and identifies risks involved
• Ability to see the holistic picture
• Creates solutions that address not only immediate issues (quick fixes) but also takes steps
for medium to long-term impact of the solutions

4.9 Developing Others
Genuinely believes in others’ capabilities to develop and takes personal responsibility for
their development. Creates a positive environment for learning and provides developmental
opportunities for individuals and teams.

• Encourages team members to develop learning and career plans and follows up to guide
their development and measure progress
• Takes risks on others to enable them to grow, by delegating responsibility and decisionmaking
• Provides mentoring support and direction to attain the team members’ learning needs for
the long-term development
• Builds capacity-development strategies to support career development for all employees

4.10 Self Awareness and Self Control
Identifies one’s own emotional triggers and controls one’s emotional responses. Maintains
a sense of professionalism and emotional restraint when provoked, faced with hostility
or working under increased stress. It includes resilience and stamina despite prolonged
adversities.

• Remains calm in stressful situations and listens to others’ point of view
• Has an honest understanding of own weaknesses and strengths
• Uses stress management techniques to deal with stress and control responses
• Responds constructively and professionally to extreme challenges, provocation and/or
professional disappointments
• Continues providing effective leadership in situations of stress or adversity
• Able to maintain focus and stamina for self and others in prolonged adversity
• Nurtures a culture to identify and dissolve stressors by better planning and analysing the
past instances

4.11 Communication Skills
Articulates information to others in language that is clear, concise, and easy to understand.
It also includes the ability to listen and understand unspoken feelings and concerns of
others.

• Conveys information, opinions and arguments fluently and confidently in a manner that
clearly explains the benefits of one’s proposition on different people in the society
• Adapts communication style to suit the situation
• Communicates complex issues clearly and credibly, to widely varied audiences
• Uses different forums, media vehicles, tailors messages accordingly to achieve optimum
results

4.12 Team-Working
Working together as a unit for the common goal. Building teams through mutual trust,
respect and cooperation

• Willingly complies with the team decisions, is a good team player, does his or her share of
the work
• Willingly gives support to co-workers and works collaboratively rather than competitively
• Shares all relevant information with the team members, provides ideas, inputs and
suggestions
• Solicits ideas and opinions to help form specific decisions or plans
• Displays willingness to learn from others, including subordinates and peers
• Genuinely values others’ expertise
• Incorporates others’ suggestions into planning and decision making
*Encourage others
• Works towards building positive team environment and addresses descriptive behaviour
such as threats, insults, stereotyping or exaggerations

 I hope that this blog post will help you in General Studies 4th paper and I hope that many of you will achieve success to provide efficient, effective, accountable, responsive and transparent governance as per vision of DoPT(GOI).

I sincerely acknowledge DOPT and UNDP for this Report. I hope that our Civil Service Aspirants will get full benefit of this report.
You can read full report on link given below-
http://persmin.gov.in/otraining/Competency%20Dictionary%20for%20the%20Civil%20Services.pdf

Best of luck,
Keshvendra Kuamar, IAS
District Collector, Wayand, Kerala