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शुक्रवार, 8 अगस्त 2025

***क्या है आईएएस/ सिविल सेवक बनने की आपकी प्रेरणा



सिविल सेवा की तैयारी पर्वतारोहण की तरह है, रास्ता में कई बार आत्मसंशय की बदलियां घिर आती है। क्या मुझमें इस परीक्षा में सफल होनेवाली बात है, क्या मैं लाखों परीक्षार्थियों की भीड़ के बीच से सफलता के शिखर तक पहुंच सकता हूँ जैसे कई सवाल दिन -रात आपको परेशान करेंगे। मगर इन सभी के बीच सफलता का स्वाद वही चखेंगे जो स्वप्रेरित हैं, जो हर दिन खुद को हौसला देंगे, उम्मीद देंगे। आइयें इस परीक्षा या जीवन की अन्य परीक्षाओं में सफलता के लिए प्रेरणा की भूमिका के बारे में कुछ विचार करें। 


-यदि आप प्रेम करते हैं तो उसे अपनी सफलता की प्रेरणा बनाएं। यह भी सोचे कि आपके माता-पिता, भाई-बहन, प्रेमी/ प्रेमिका, दोस्त व शुभचिंतक आपकी सफलता से कितने खुश होंगे।  

-हर रोज आधे घंटे का समय सकारात्मक चिंतन की किताबों या पत्रिकाओं को दें।  अहा, जिंदगी, नवनीत, रीडर्स डाइजेस्ट जैसी पत्रिकाएं और प्रेरक जीवन चरित्र तथा विवेकानंद  , ए पी जे अब्दुल कलाम, और अपनी पसंद की अन्य प्रेरक किताबें पढ़ सकते हैं। 

-सफलता के लिए बस एक ईमानदार प्रयास काफी है।  अपने हर प्रयास को अपना अंतिम प्रयास मानकर अपना सर्वोत्तम देने का प्रयास करें। 

-पढाई का आनंद लें।  तैयारी को बोझ की तरह न लें वरन उसे आनंददायक बनाये। मौलिक, सृजनात्मक और नवीन बनने की कोशिश करें। 

- दूर-दराज के इलाकों में रहनेवाले, नौकरी करनेवाले या आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को मैं कहना चाहूंगा कि हिम्मत न हारें। यदि आपमें प्रतिभा, संकल्प शक्ति और आत्मविश्वास है और आप सही दिशा में परिश्रम करते हैं तो आप जरूर सफल होंगे। 

-हिंदी या अन्य भारतीय भाषाओं को सिविल सेवा के माध्यम के रूप में चुनने में मन में कोई भ्रान्ति न पालें। हिंदी के साथ अधिकांश भारतीय भाषाओं में तैयारी करनेवाले छात्रों ने सिविल सेवा में सफलता के झंडे गाड़े हैं।  आपकी सफलता आपके कड़े परिश्रम और भाषा माध्यम पर गहरी पकड़ से सुनिश्चित होती है। अंग्रेजी में लिखने से ही सिविल सेवा में सफल होने की संभावना ज्यादा होगी, यह एक अनावश्यक हौआ है। वही माध्यम चुनें जिसमें आप ज्यादा सहज हों और अपने को अच्छे से अभिव्यक्त कर सकते हों। 

-अपने आपको एक प्रशासक माने और तदनुरूप अपने व्यक्तित्व को निखारने में लगे रहें। ।  धीरे-धीरे आपकी चाल-ढाल, व्यवहार, बातचीत, लेखन क्षमता,  निर्णय लेने में सकारात्मक परिवर्तन परिलक्षित होंगे।  

- अपने लिए गलत आदर्श न चुनें।  सामान्यतः वर्तमान समाज में लोग आसानी से ग्लैमर की चमक से चकाचौंध हो जाते हैं।  आपके आदर्श पुरुष/स्त्री संघर्ष कर के सफलता पानेवाले, दीन-दुखियों की सेवा निःस्वार्थ में अपनी जिंदगी लगानेवाले, अन्याय-अत्याचार का प्रतिरोध करनेवाले , धरती को सुन्दर-सुखद और सार्वभौमिक प्रेम युक्त बनाने में लगे मनुष्य होने चाहिए। 

-जब आप अन्तःप्रेरित होते हैं तो आप वह सफलता प्राप्त करते हैं जो असफलता के अंधेरों से जूझते संघर्षरत लोगों के लिए प्रेरणा की मशाल का काम करती है। 

-जनता की सच्ची सेवा करने में जो सुख और आत्मसंतुष्टि है, वह कहीं और नहीं।  ऐसी अभिरुचि वाले लोगों के लिए सिविल सेवा से बेहतर विकल्प शायद ढूंढना मुश्किल हो।  प्राइवेट सेक्टर की नौकरी पैसे दे सकती है मगर संतुष्टि नहीं। 

- हिम्मत कभी न हारिये। संघर्षों के बाद जो सफलता मिलती है , उसका स्वाद काफी मीठा होता है। 
-कभी भी असफलता के लिए भाग्य को मत कोसें। निदा फ़ाज़ली की ये पंक्तियाँ याद रखें -
कोशिश भी कर, उम्मीद भी रख, रास्ता भी चुन। 
फिर उसके बाद थोड़ा मुकद्दर तलाश कर।  

-तैयारी के क्रम में जीवन जीने या इसका आनंद उठाने को कल के लिए स्थगित न करें। जीवन का आनंद उठाते हुए और स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखते हुए तैयारी में लगें।  

*महापुरूषों के जीवन संघर्ष एवं विचारों से प्रेरणा लें। भारतीय मनीषियों, विश्व के महान मानवतावादियों, भारतीय स्वाधीनता संग्राम के सेनानियों, तथा विवेकानंद, गाँधी, नेहरू, अरविन्द घोष, भगत सिंह, नेताजी, बाबा साहेब अंबेडकर, कलाम साहेब एवं ऐसे अन्य युगपुरुषों एवं आम जनता के निःस्वार्थ कृत्यों से प्रेरणा लें,  ईमानदार एवं कठिन परिश्रम कर राष्ट्रनिर्माण में लगे लोगों, समाज के वंचित तबकों की सेवा में अपना सर्वस्व अर्पण करनेवाले लोगों के  जीवन से मार्गदर्शन प्राप्त करें। 

*When going gets tough, tough gets going. विपरीत परिस्थितियों से कभी भी डरें नहीं। अपनी पूरी शक्ति से लड़ें। अगर आपके हृदय में समाज के हाशिये पर के लोगों, समाज, देश मानवता की सेवा करने जैसे बड़े लक्ष्य हों तो यह आपको अंदर से प्रेरित करेगा। 

*अपने आप को सकारात्मक विचारों से भर लें, अपनी इच्छा-शक्ति को मजबूत करें और इस विश्व को सभी प्राणियों के लिए बेहतर बनाने के संकल्प के साथ आगे बढ़ें। अपनी तैयारी के संघर्षों का आनंद लें, तभी आप सफलता की मिठास का आनंद ले पाएंगे।      

अर्जुन की भांति बस चिड़िया की आँख पर नजर हो तो सफलता को आपके कदम चूमने से कोई नहीं रोक सकता।