शनिवार, 22 जून 2013

यूपीएससी के नए पैटर्न में सामान्य अध्ययन मुख्य परीक्षा के लिए पुस्तक सूची

साथियों, यूपीएससी ने इस वर्ष से मुख्य परीक्षा में कई बड़े बदलाव लाये हैं जिनमे सामान्य अध्ययन पत्र में आये बदलाव काफी अहम् हैं | पहले जहां मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के दो पेपर होते थे जिनका कुल अंक 600 था वहीं अब 250 अंको के चार पेपर ने सामान्य अध्ययन में अच्छे अंक लाने को सिविल सेवा में सफलता के लिए अनिवार्य बना दिया है |

इन बदलावों को मद्देनजर रखते हुए मैं अपनी पुरानी सामान्य अध्ययन की पुस्तक सूची को अद्यतन कर रहा हूँ | यह सूची प्रारंभिक एवं  मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन के  पाठ्यक्रम को आच्छादित करती है। हालाँकि यह आलेख मुख्यतः मुख्य परीक्षा पर केन्द्रित है | हाँ, यह सूची बस सांकेतिक है, एक-एक विषय पर अभी ढेरों  स्तरीय किताबें उपलब्ध हैं, आपको उस किताब को चुनना है जो आपको पढने और समझने में अच्छी लग रही हो। आपको यह ध्यान में रखना है की आपको सिलेबस तैयार करना है न की किताबें। किताबो से वे ही चैप्टर पढ़े जो सिलेबस में पढने हो।

एक बार सिलेबस को समाप्त करने के बाद आप किसी भी नई किताब को देखकर यह पता कर सकते हैं की उसमे आपके कामका और कुछ है या नही। वैसे NCERT की 6 से 12 वीं  क्लास की विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान आदि की  किताबों को आप आंख मूंदकर सामान्य अध्ययन  का आधार बनाने के लिए प्रयोग कर सकते हैं |

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र  1 
(भारतीय विरासत और संस्कृति ,विश्व का इतिहास ,भूगोल और समाज )


क) .इतिहास हेतु
-NCERT 6-12
-आधुनिक भारत- यशपाल एवं ग्रोवर
-स्वाधीनता संग्राम-विपिन चंद्र
-आजादी के बाद का भारत- विपिन चंद्र
-विश्व इतिहास - जैन एवं माथुर - (सिर्फ चुनिन्दा मुद्दे जो सिलेबस में हैं )
-प्रतियोगिता दर्पण -कला-संस्कृति अतिरिक्तांक
-प्राचीन एवं मध्यकालीन भारत- प.द.अतिरिक्तांक (सिर्फ़ प्रारंभिक परीक्षा हेतु)

ख) भूगोल हेतु

-Atlas- Oxford Student's Atlas या हिमालय एटलस
--NCERT 6-12
 - भारत का भूगोल-खुल्लर
-प्रतियोगिता दर्पण भूगोल अतिरिक्तांक प्राम्भिक परीक्षा के लिए

ग)  भारतीय समाज एवं सामाजिक मुद्दे 
 किसी विशेष पुस्तक की आवश्यकता नहीं
 योजना, कुरुक्षेत्र तथा अन्य पत्र- पत्रिकाओं से तथा भारतीय अर्थव्यवस्था(दत्ता एवं सुन्दरम) एवं भारतीय प्रशासन एवं राजनीति (फाडिया)  से तैयारी करें | ये किताबें आपको सामान्य अध्ययन के प्रश्न पत्र 2 एवं 3 के लिए पढनी है |
 अधिकांश मुद्दे निबंध के रूप में तैयारी करने के लिए उपयुक्त हैं |



सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र  2 
(शासन व्यवस्था ,संविधान ,शासन प्रणाली ,सामाजिक न्याय ,अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध )


घ) प्रशासन एवं संविधान
-NCERT 11 & 12
-भारतीय राज्यव्यवस्था-लक्ष्मीकांत (प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा )
-भारतीय प्रशासन एवं राजनीति -पुखराज जैन एवं   बी. एल. फाडिया
-हमारा संविधान- सुभाष कश्यप या बासु


च) अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध / भारत के विदेश सम्बन्ध
-अंतर्राष्ट्रीय संबंध (सिद्धांत एवं समकालीन राजनीतिक मुद्दे ) - बी. एल. फाडिया
-२१वी शताब्दी में अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध -पुष्पेश पन्त
-अंतर्राष्ट्रीय संगठन- पुष्पेश पन्त
-सिविल सेवा हेतु समर्पित पत्रिकाओं के अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध / भारत के विदेश सम्बन्ध विशेषांक



सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 3 
(प्रौद्योगिकी , आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण , सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन )


छ) .अर्थशास्त्र एवं भारतीय अर्थव्यवस्था
-NCERT 11 & 12
-प्रतियोगिता दर्पण का भारतीय अर्थव्यवस्था अतिरिक्तांक
-भारतीय अर्थव्यवस्था- रुद्रदत्त व् सुन्दरम
(या मिश्र एवं पुरी या एस. एन. लाल )

योजना, कुरुक्षेत्र,  frontline, इकोनोमिक एंड पोलिटिकल वीकली को अपने ज्ञान को अद्यतन रखने के लिए प्रयोग करे |

ज).विज्ञान/ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एवं पर्यावरण 
NCERT 6 -12 की बुक
IGNOU - BDP- Foundation Course on Science and Technology FST (Hindi)
-प्रतियोगिता दर्पण का सामान्य विज्ञानं अतिरिक्तांक
-भारत में विज्ञानं एवं प्रोद्योगिकी- टाटा मैक्ग्राहिल या विवास पैनोरमा या सिविल सर्विसेस क्रोनिकल प्रकाशन की -कोई एक पुस्तक
-विज्ञान प्रगति पत्रिका के नवीनतम साल-दोसाल के अंक
-हमारे वैज्ञानिक - एनबीटी
-Tell Me Why- मलयाला मनोरम पब्लिकेशन 



सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 4 
(नीतिशास्त्र, सत्य निष्ठा एवं अभिरूचि )
1.नीतिशास्त्र के प्रमुख सिद्धांत- डॉ डी आर जाटव- मालिक एंड कंपनी- जयपुर, दिल्ली
2. नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा एवं अभिरुचि -जी सुब्बाराव आईएएस एवं पी एन राय चौधुरी आईएस - एक्सेस पब्लिकेशन, दिल्ली 


  इस पत्र के बारे में अभी ज्यादा कुछ कहना संभव नहीं है | इस पत्र के लिए आपको थोडा नीतिशास्त्र, थोडा लोक प्रशासन, थोडा महापुरुषों एवं विचारकों-दार्शनिकों की जीवनी और दर्शन पढने पड़ेंगे | इस पत्र के लिए द्वितीय  प्रशासनिक सुधार आयोग की रिपोर्ट काफी काम की है जो आप भारत सरकार की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं | इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पत्रिका भी इस पत्र के लिए कारगर सिद्ध होगी | इस अकेले पत्र के लिए बाद में विस्तार से लिखने की कोशिश करूँगा |







सफलता की शुभकामनाएँ के साथ-

केशवेन्द्र कुमार, आईएएस