शनिवार, 8 जुलाई 2017

सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के लिए समाज शास्त्र की पुस्तक सूची


साथियों, समाजशास्त्र हिंदी माध्यम से सिविल सेवा की तैयारी करने वालों के लिए एक लोकप्रिय वैकल्पिक विषय रहा है | यह विषय उन छात्रों के लिए हैं जो समाज और सामाजिक मुद्दों से गहरा ताल्लुक रखते हैं, समसामयिक सामाजिक मुद्दों में गहरी रूचि रखते हैं, समाज की जटिलताओं को समझकर सामाजिक समस्याओं के समाधान सुझाना चाहते है | यह वैकल्पिक विषय मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन पत्र एवं निबंध पत्र के लिए भी काफी उपयोगी है |

इग्नू की BA एवं MA की समाजशास्त्र की पुस्तकें इस विषय की तैयारी के लिए एक अच्छा आधार प्रदान करती है | इस विषय की हिंदी माध्यम में उपलब्ध कुछ स्तरीय पुस्तकों की सूची मैं यहाँ पर दे रहा  हूँ | यह सूची बस सांकेतिक है और कोई और अच्छी पुस्तक सामने आने पर वो इसमें जोड़ दी जायेगी | एक और बात याद रखे की आपको तैयारी सिविल सेवा के पाठ्यक्रम की करनी है, किताबों की नहीं | एक ही विषय पर कोई किताब आपको पढने में सरल लग सकती है और किसी को जटिल |  विषय के बारे में आधारभूत जानकारी के बाद उस विषय की किसी भी किताब को देखकर आप इस बात का निश्चय कर सकते हैं की वह किताब आपकी तैयारी के लिए आवश्यक है या नहीं |

प्रश्न पत्र १
इग्नू की BA एवं MA की समाजशास्त्र की पुस्तकें
समाजशास्त्र एक परिचय- सत्यपाल रूहेला- डायमंड पब्लिकेशन-
(१,२,३६,७,,८,९,)
समाजशास्त्र परिचय -संपादक- राम गणेश यादव एवं जे पी मिश्र - ओरिएंट ब्लैक स्वान पब्लिकेशन
(१,२,५,८,९,१०)
सामाजिक विचारक- एस एल दोषी, पी सी जैन- रावत पब्लिकेशन- जयपुर, दिल्ली
(मार्क्स, दुर्खीम, वेबर विस्तार से ) पत्र १ ४ क, ख, ग
उच्चतर समाजशास्त्रीय सिद्धांत- शम्भूलाल दोषी मधुसूदन त्रिवेदी- रावत प्रकाशन- जयपुर एवं नयी दिल्ली
(प्रश्न पत्र १- 1, २, ३, ४ आंशिक रूप से )
समाजशास्त्र- अवधारणाएँ एवं सिद्धांत - जे पी सिंह- प्रेन्टिस हॉल ऑफ़ इंडिया, नयी दिल्ली
(१,२, ५, १० )
सामाजिक विचारधारा एवं सामाजिक विचारक- डॉ गणेश पाण्डेय एवं अरुणा पाण्डेय



प्रश्न पत्र २
इग्नू की BA एवं MA की समाजशास्त्र की पुस्तकें

भारतीय समाज एवं विचार धाराएं - डी आर जाटव -नेशनल पब्लिशिंग हाउस- जयपुर, नई दिल्ली
(प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक भारत का समाज चिंतन, राजनितिक आंदोलनों में सामाजिक प्रवृतियाँ, समाज चिंतन के समकालीन संप्रदाय,)

भारतीय समाज संरचना एवं परिवर्तन - सत्यपाल रूहेला- उत्तर प्रदेश हिंदी ग्रन्थ अकादमी
(जनसँख्या, धर्म, जाति प्रथा, जनजातियाँ, सामाजिक वर्ग, विवाह-परिवार- साम्पत्तिक अधिकार, शिक्षा, ग्रामीण और  नगर संस्था, शासक और शासित )

भारतीय सामाजिक संरचना एवं परिवर्तन के एल शर्मा- रावत पब्लिकेशन- जयपुर एवं नयी दिल्ली
(भारतीय समाज, उद्भव, सामाजिक आन्दोलन, जनजाति, ग्रामीण एवं नगरीय समुदाय , परिवार, जाति, नारी, जनसँख्या, सामाजिक परिवर्तन )

हाशिये की वैचारिकी-  संपादक- उमाशंकर चौधुरी- अनामिका प्रकाशन- दिल्ली
(जाति, दलित, जनजाति प्रश्न )

शुभकामनाओं के साथ,
केशवेन्द्र कुमार आईएएस 

बुधवार, 10 मई 2017

सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के लिए दर्शन शास्त्र की पुस्तक सूची

दर्शनशास्त्र हिंदी माध्यम के विद्यार्थियों के लिए काफी लोकप्रिय वैकल्पिक विषय रहा है | निबंध पत्र के लिए इसकी प्रासंगिकता और उपयोगिता को देखते हुए इसका वैकल्पिक विषय के रूप में महत्त्व और भी बढ़ गया है |  वैसे छात्र जिन्हें दर्शन में और साहित्यिक- सामाजिक समस्याओं के गहन अनुशीलन, चिंतन और समाधान खोजने में आनंद आता है और जिनकी भाषा पर अच्छी पकड़ है, वे निस्संकोच इस विषय का चयन कर सकते हैं| दर्शनशास्त्र के साथ सिविल सेवा की तैयारी  के लिए पुस्तक सूचि निम्नलिखित है-

प्रश्न पत्र १ एवं २
प्राचीन भारतीय धर्म एवं दर्शन- डॉ शिवस्वरूप सहाय-  मोतीलाल बनारसीदास प्रकाशन
भारतीय दर्शन- संपादक- डॉ नन्द किशोर देवराज - उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ
भारतीय दर्शन( दो भागों में )- डॉ राधाकृष्णन -(अनुवादक- नंदकिशोर गोभिल)- राजपाल एंड संस प्रकाशन
नीतिशास्त्र के प्रमुख सिद्धांत-डॉ डी आर जाटव- मालिक एंड कंपनी- दिल्ली
पाश्चात्य दर्शन- याकूब मसीह
समकालीन पाश्चात्य दर्शन- बी के लाल
भारतीय संस्कृति- नरेन्द्र मोहन -प्रभात प्रकाशन- नयी दिल्ली

इग्नू की बी ए एवं एम ए दर्शनशास्त्र की पुस्तकें


विस्तृत अध्ययन हेतु- (पुस्तकालय की मदद से )
दर्शन दिग्दर्शन - राहुल सांकृत्यायन- किताबघर प्रकाशन
भारतीय दर्शनशास्त्र का इतिहास -  जयदेव वेदालंकार - न्यू भारतीय बुक कारपोरेशन- नयी दिल्ली
(मध्यकालीन आचार्यों का दर्शन - आचार्य शंकर, रामानुज, आचार्य मध्व, बल्लभ और चैतन्य दर्शन )
भारतीय दर्शन का इतिहास (५ खंडो में )- डॉ सुरेन्द्रनाथ गुप्ता- राजस्थान हिंदी ग्रन्थ अकादमी द्वारा अनुदित एवं प्रकाशित
भारतीय दर्शन की मूलगामी समस्याएँ- नारायण शास्त्री द्रविड़- विश्वविद्यालय प्रकाशन, सागर

वैकल्पिक विषय की तैयारी करते हुए यह बात ध्यान में रखे की आपके सिलेबस तैयार करना है और पूरी समझ के साथ, रट्टा मरकर नहीं | साथ-ही-साथ इस बात का भी ध्यान रखे की ज्ञान अनंत और अथाह है | ज्ञान प्राप्ति के लिए हम जीवन भर पढ़ सकते हैं और पढ़ते रहेंगे | अपना सारा ध्यान अभी चिड़िया की आंख अर्थात सिविल सेवा में अच्छे रैंक के साथ सफलता पाने पर लगाये | किताबों पर नहीं टॉपिक पर अपना ध्यान केन्द्रित करें | जब आप सारे टॉपिक कुछ चुनिन्दा स्तरीय पुस्तकों से तैयार कर लेते हैं तो फिर अन्य स्तरीय पुस्तकों से दुहराते हुए कोई नयी बात मिलने पर उसे नोट कर ले |
शुभकामनाओं के साथ,
केशवेन्द्र कुमार, IAS


मंगलवार, 9 मई 2017

FAQ- सिविल सेवा की तैयारी में लगे साथियों द्वारा बार- बार पूछे जानेवाले सवालों के जवाब

प्राथमिक एवं मुख्य  परीक्षा से संबंधित -
१. क्या हिन्दू समाचारपत्र पढना अनिवार्य है ?
नहीं, सिविल सेवा की अंग्रेजी माध्यम से तैयारी करनेवाले अधिकांश छात्र हिन्दू समाचारपत्र का अध्ययन करते है | यह एक अच्छा समाचारपत्र है जो समसामयिकी एवं निबंध के लिए उपयोगी है | अगर आपकी अंग्रेजी अच्छी है और आप हिन्दू पेपर पढने में कोई दिक्कत नहीं महसूस करते हैं तो इसे पढना अच्छा है | अगर आपको भाषा की दिक्कत आ रही है तो आप किसी भी अच्छे हिंदी समाचारपत्र जैसे हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक भास्कर, राजस्थान पत्रिका, जनसत्ता जो की आपके राज्य में उपलब्ध है, को पढ़ सकते हैं | इतना ध्यान रखे की आपको पेपर सिविल सेवा की तैयारी के लिए पढना है| अपना ध्यान देश-विदेश की प्रमुख घटनाओं, सम्पादकीय एवं आलेखों और साक्षात्कार की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण अपने प्रदेश की घटनाओं पर केन्द्रित करें |

२. समसामयिकी - करंट अफेयर  कितने दिनों का पढ़े ?
सामान्यतः प्रारंभिक परीक्षा के सवा  वर्ष (उदहारण के लिए मई में यदि प्रारंभिक परीक्षा हो तो पिछले वर्ष की जनवरी तक)  पहले तक की समसामयिकी पर ध्यान केन्द्रित करना काफी है |

३. मैं १० वीं/ १२ वीं कक्षा में हूँ ,सिविल सेवा की तैयारी कैसे करूँ ?
--अपना ध्यान १० वीं / १२ वीं की परीक्षा अच्छे तरह से उत्तीर्ण करने पर लगाये | अपनी लेखन शैली पर ध्यान दे | अच्छी किताबें पढने की आदत डालें | समाचारपत्र के साथ कुछ पत्रिकाएँ जैसे कम्पटीशन सक्सेस रिव्यु , योजना, कुरुक्षेत्र, विज्ञान प्रगति पढना अभी काफी है | स्नातक के द्वितीय या तृतीय वर्ष से गंभीरता से सिविल सेवा की तैयारी आरम्भ करना काफी है |

4. सामान्य अध्ययन और वैकल्पिक विषय में क्या पढ़े और क्या छोड़े?
--सामान्य अध्ययन एवं  वैकल्पिक विषय की तैयारी करते हुए यह बात ध्यान में रखे की आपके सिलेबस तैयार करना है और पूरी समझ के साथ, रट्टा मरकर नहीं | साथ-ही-साथ इस बात का भी ध्यान रखे की ज्ञान अनंत और अथाह है | ज्ञान प्राप्ति के लिए हम जीवन भर पढ़ सकते हैं और पढ़ते रहेंगे | अपना सारा ध्यान अभी चिड़िया की आंख अर्थात सिविल सेवा में अच्छे रैंक के साथ सफलता पाने पर लगाये | किताबों पर नहीं टॉपिक पर अपना ध्यान केन्द्रित करें | जब आप सारे टॉपिक कुछ चुनिन्दा स्तरीय पुस्तकों से तैयार कर लेते हैं तो फिर अन्य स्तरीय पुस्तकों से दुहराते हुए कोई नयी बात मिलने पर उसे नोट कर ले |







साक्षात्कार से संबंधित
१. क्या हिंदी माध्यम से परीक्षा देने वाले छात्रों का साक्षात्कार हिंदी में होता है ?
--जी हाँ | हाँ, बोर्ड में ऐसे एक या दो मेम्बर हो सकते हैं जिन्हें हिंदी नहीं आती हो, इसलिए अगर आप अंग्रेजी बोल और समझ लेते हैं तो और भी अच्छा है | कोई सदस्य जान बूझकर अंग्रेजी में सवाल कर सकते हैं, आप उसका जवाब हिंदी में बिंदास देने के लिए स्वतंत्र है |
२. क्या साक्षात्कार में अंग्रेजी की प्रचलित शब्दों का प्रयोग कर सकते हैं ?
--ऐसे अंग्रेजी के शब्द जो हिंदी की बोलचाल में प्रचलित हैं और जिनका हिंदी में उत्तम विकल्प मौजूद नहीं है, उनके लिए अंग्रेजी शब्दों का प्रयोग उचित है | उदहारण के लिए SAARC सम्मलेन  के लिए आप हिंदी में दक्षेस सम्मेलन शब्द या सार्क सम्मलेन शब्द किसी का भी उपयोग कर सकते हैं क्योंकि दोनों ही हिंदी की शब्दावली में सामान रूप से प्रचलित है |

बुधवार, 3 मई 2017

सिविल सेवा परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय(ऑप्शनल पेपर ) का चयन कैसे करे


हिंदी माध्यम से सिविल सेवा की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए वैकल्पिक विषय का चयन एक बड़ी दुविधा के तौर पर होता है | मन में ढेरों सवाल होते हैं- किस विषय से ज्यादा अंक आयेंगे, किस विषय से टॉपर बनते हैं, स्नातक तक पढ़े विषय को वैकल्पिक विषय के तौर पर ले या नहीं इत्यादि |

सिविल सेवा परीक्षा के लिए वर्तमान में एक वैकल्पिक विषय का चयन करना होता है | इस विकल्पिक विषय के 250 अंक के दो प्रश्न पात्र होते हैं | और इस तरह सिविल सेवा की परीक्षा में वैकल्पिक विषय के कुल ५०० अंक है|

उपलब्ध विषयों की सूची -
इतिहास
भूगोल
समाजशास्त्र
लोक प्रशासन
नृविज्ञान
राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय संबंध
मनोविज्ञान
दर्शन शास्त्र
अर्थशास्त्र
विधि
प्रबंधन
कृषि विज्ञान
पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञान
हिंदी भाषा एवं साहित्य/ संस्कृत भाषा एवं साहित्य/मैथिलि भाषा एवं साहित्य/उर्दू भाषा एवं साहित्य एवं अन्य प्रमुख भारतीय भाषाओं का साहित्य

वनस्पति विज्ञान
रसायन विज्ञान
सिविल इंजीनियरिंग
वाणिज्य तथा लेखा विधि
विद्युत इंजीनियरिंग
भू विज्ञान
गणित
यांत्रिक इंजीनियरिंग
चिकित्सा विज्ञान
भौतिकी
सांख्यिकी
प्राणी विज्ञान


कैसे चयन करे वैकल्पिक विषय का-

 इन सारे उपलब्ध विषयों को देखते हुए अपनी शैक्षणिक  पृष्ठभूमि और विषयों में रूचि को ध्यान में रखते हुए इन सारे विषयों में से  चयन को २-३ विषयों पर केन्द्रित करें |
*सामान्यतः ऊपर के  किसी विषय को आपने स्नातक या परास्नातक स्तर पर हिंदी माध्यम में पढ़ा है और आप उस विषय में रूचि रखते हैं तो उस विषय का चयन सर्वोत्तम है |
*अगर आपने ऊपर के विषयों में किसी को स्नातक या परास्नातक स्तर विषय पर पढ़ा है पर उसमे आपकी रूचि नहीं है तो फिर आप ऊपर के लिस्ट से अपनी रूचि की  २-३ विषयों की शोर्ट लिस्ट तैयार करे | इन चयनित विषय के सारे टॉपिक देखे, इनके सिविल सेवा के सिलेबस और क्वेश्चन बैंक को देखे | यह अनुमान लगाये की इस विषय को आप ३-६ महीने में अच्छे से तैयार कर सकते हैं या नहीं |
*अगर आप अपने स्नातक या परास्नातक के विषय को वैकल्पिक विषय के तौर पर नहीं ले रहे हैं तो इस बात का भी ध्यान रखे की वैकल्पिक विषय से आपको सामान्य अध्ययन, निबंध पत्र एवं साक्षात्कार में कितनी मदद मिल रही है |
*सामान्य अध्ययन में काफी सहायता पहुचने वाले विषय हैं-
इतिहास, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, समाज शास्त्र, नृविज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र,विधि
*निबंध एवं साक्षात्कार में सहायक वैकल्पिक विषय-
इतिहास, लोक प्रशासन, राजनीति विज्ञान एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्बन्ध, समाज शास्त्र, नृविज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र,विधि, दर्शन शास्त्र, मनोविज्ञान, प्रबंधन, हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषाओ का साहित्य

इस बात का ध्यान रखें की विषय में आपकी रूचि या उस विषय का आपके द्वारा पहले पढ़ा होने काफी महत्तवपूर्ण घटक हैं | इसके बाद ही सामान्य अध्ययन, निबंध या साक्षात्कार में उस वैकल्पिक विषय से होने वाले लाभ के बारे में सोचे | शार्ट लिस्ट किये हुए २-३ विषयों से आपके परीक्षा में मिलने वाले लाभ-हानि की गणना कर अपने लिए उपयुक्त वैकल्पिक विषय का चयन करें | चयन आपका खुद का होना चाहिए, किसी दवाब में आकर नहीं | चयन के लिए पर्याप्त समय ले और एक अच्छा निर्णय ले |


शुभकामनाओं के साथ,
केशवेन्द्र कुमार


सोमवार, 1 मई 2017

सिविल सेवा परीक्षा हेतु लोक प्रशासन के लिए पुस्तक सूची

प्रथम प्रश्न पत्र -
१. लोक प्रशासन- संकल्पनाएँ एवं सिद्धांत- रुम्की बासु- जवाहर पब्लिशर्स
लोक प्रशासन- अवस्थी एवं महेश्वरी
२. लोक प्रशासन के नए आयाम- मोहित भट्टाचार्य - जवाहर पब्लिशर्स
३. प्रशासनिक विचारक - नरेन्द्र थोरी - आर बी एस ए पब्लिशर, जयपुर



द्वितीय प्रश्न पत्र
१.भारतीय प्रशासन- श्रीराम महेश्वरी-  ओरिएंट लोंग्मेन प्रकाशन
या
भारतीय लोक प्रशासन- डॉ सुरेन्द्र कटारिया - नेशनल पब्लिशिंग हाउस
२. लोक प्रशासन के बदलते आयाम- संपादक- एस एन मिश्र - भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, दिल्ली

इग्नू की बी ए एवं एम ए की लोक प्रशासन की पुस्तकें